संभल, अक्टूबर 22 -- समाज में महिलाओं की भूमिका केवल घर-परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण है। इसी विचार को जीवन का ध्येय बनाकर लक्ष्मीबाई केलकर ने महिलाओं को संगठित करने और उनमें सामाजिक दायित्व का बोध जगाने का प्रयास किया। विजयदशमी के दिन 1936 में उन्होंने राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना की। डॉ. सुधा गौतम, प्रांत सह बौद्धिक प्रमुख, ब्रज प्रांत राष्ट्र सेविका समिति ने बताया कि उनके विचारों पर रामायण, महाभारत, स्वामी विवेकानंद के चिंतन और तत्कालीन स्वतंत्रता आंदोलन की घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ा। बचपन में लक्ष्मीबाई केलकर से सुनी धार्मिक कथाओं और समाचार पत्र के माध्यम से उन्होंने देश की परिस्थितियों को समझा। जलियांवाला बाग हत्याकांड जैसी घटनाओं ने उनके मन में राष्ट्र की स्वतंत्रता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भा...