नई दिल्ली, अप्रैल 13 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023' को जल्द लागू करने के लिए संसद के विशेष सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। विपक्ष सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर चुनावी लाभ लेने के लिए जल्दबाजी का आरोप लगा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि महिला आरक्षण कोई मुद्दा नहीं है। संसद सर्वसम्मति से संविधान में संशोधन कर चुकी है। इस वक्त असल मुद्दा परिसीमन, राज्यों का प्रतिनिधित्व और जातिगत जनगणना का है। इस बीच, कांग्रेस ने संसद सत्र के लिए सभी सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी कर दिया है। यह भी पढ़ें- महिला आरक्षण 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में एक : मोदी इसके साथ पार्टी ने मुद्दे पर सत्र के पहले इंडिया गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी बुलाई है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.