देवरिया, अप्रैल 16 -- देवरिया, निज संवाददाता। आजादी के बाद लोकसभा व विधानसभा में आधी आबादी का प्रतिनिधित्व बहुत कम है। 1996 से महिला आरक्षण बिल गिरता चला आ रहा था। 17 सितम्बर 2023 को यह विधेयक संसद में पास हो गया है। अब केंद्र सरकार इस पर कानून बनाने जा रही है। महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनने से महिलाएं सशक्त होंगी।यह बातें बुधवार को नगर पालिका चेयरमैन अलका सिंह, बरहज श्वेता जायसवाल व बीआरडीपीजी कालेज की एसोशिएट प्रोफेसर डॉ. भावना सिन्हा ने महिला आरक्षण बिल पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि एक आंकड़े के अनुसार देश में लगभग 70 करोड़ आधी आबादी है लेकिन आबादी के हिसाब से लोकसभा व प्रदेश की विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मामूली है। यह भी पढ़ें- नारी शक्ति को संवैधानिक सम्मान: दशकों की प्रतीक्षा के बाद...