चंदौली, अप्रैल 17 -- चंदौली। भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल है। यह अधिनियम केवल चंदौली और उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है। बल्कि देशभर की महिलाओं के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। ताकि देश की आधी आबादी को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबरी की भागीदारी मिल सके। यह बातें राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर मीडिया कर्मियों से रूबरू होते ही कही। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण का विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में साकार हुआ। यह भी पढ़ें- औरतों को हक देने में और देरी सही नहीं उन्होंने महिलाओ...
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