भागलपुर, मई 1 -- कहलगांव , निज प्रतिनिधि सभी युगों में नारी का सम्मान हुआ है। आपको भी नारी का सम्मान करनी चाहिए। नारी घर की लक्ष्मी स्वरूपा होती है। जिस घर में नारी का सम्मान नहीं होता है उस घर में लक्ष्मी का वास नहीं होता है। यह बातें नंदलालपुर के देवीपुर शिव मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचन करते हुए कथा वाचिका पूर्ति किशोरी ने कही है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह प्रसंगों का वर्णन करते हुए समाज को गहन आध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण की प्रमुख रानी रुक्मिणी थीं, जिन्हें माता लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। यह भी पढ़ें- मनुष्य जब अहंकार में डूब जाता है तो समाज में शुरू हो जाता है पतन :पूर्ति किशोरी रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए पत्र भेजा, जिसके बाद भगवान ने उनका हरण कर...
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