चंदौली, मार्च 10 -- कमालपुर , हिन्दुस्तान संवाद । कस्बा स्थित रामजानकी मंदिर पर पांच दिवसीय कथा के तीसरे दिन व्यास पीठ से अयोध्या से पधारे राहुल दास जी ने कहा कथा ही मनुष्य के भूत,भविष्य और वर्तमान को संवारती है। भक्ति,भजन करने की कोई उम्र नहीं होती है। परमात्म का स्मरण ही जीव के मोक्ष का एक मात्र माध्यम है।कथा का विस्तार करते हुए कहा कि माता पार्वती भगवान शिव से पूछती हैं कि परमात्म हैं कौन। परमात्मा का जन्म किस लिए होता हैं। भोले बाबा ने कहा पार्वती ध्यान से सुनो। पृथ्वी पर जब अनाचार, दुराचार, पाप तथा देवी-देवता पर अत्याचार होने लगते है, नारायण की आराधना करने पर दुखों का अंत होता है। कथा में श्रीराम चंद्र के बाल स्वरूप की झांकी प्रस्तुत की गई। उपस्थित सभी श्रोताओं ने झांकी रूपी परमात्मा के ऊपर पुष्प अर्पण कर चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिए। ...
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