जौनपुर, दिसम्बर 26 -- जौनपुर, संवाददाता। भागवत कथा वाचक आचार्य डॉ.रजनीकान्त द्विवेदी ने कहा कि जीव जब-जब माया का आश्रय लेता है, बंधनों से बंध जाता है। जब वह नारायण का आश्रय प्राप्त करता है तो बंधन से मुक्त हो जाता है। उक्त विचार उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता यादवेन्द्र चतुर्वेदी के पुरानी बाजार स्थित आवास परिसर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कही। उन्होंने कहा कि कलयुग में भी भगवान की प्राप्ति संभव है, यदि मनुष्य भक्ति के मार्ग पर चलते हुए मानव जीवन को पूर्ण करे। कथा व्यास ने भक्त प्रहलाद, ध्रुव एवं वामन भगवान की कथा का वर्णन किया। कथा में काशी से आए सरयुपारी ब्राह्मण परिषद के अध्यक्ष पारस नाथ उपाध्याय का मुख्य यजमान जितेंद चतुर्वेदी तथा मिलन चतुर्वेदी ने स्वागत किया। इस मौके पर ममता उपाध्याय, शर्मिला सिन्हा, दिवाकर पाठक, लाय...