लखीमपुरखीरी, मार्च 11 -- शहर के मुन्नूगंज वार्ड नंबर 5 में चल रही श्रीशिव महापुराण कथा में तीसरे दिन कथा व्यास श्रीधाम वृंदावन से पधारे आचार्य विष्णा शरण जी महाराज ने नारद मोह प्रसंग, यज्ञदत्त-गुणनिधि कथा, कुबेर भंडारी चरित्र तथा सती-शंकर विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान आचार्य विष्णा शरण जी महाराज ने बताया कि नारद मोह प्रसंग मनुष्य को अहंकार त्यागकर भगवान की शरण में रहने की प्रेरणा देता है। वहीं यज्ञदत्त-गुणनिधि की कथा भगवान शिव की असीम कृपा और भक्ति की महिमा को दर्शाती है। कुबेर भंडारी चरित्र के माध्यम से धर्म और दान के महत्व को बताया गया। सती और भगवान शंकर के विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 6 बजे तक आ...
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