सिद्धार्थ, फरवरी 5 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद डुमरियागंज क्षेत्र के भड़रिया गांव में मंगलवार की रात रामलीला का शुभारंभ हुआ। कलाकारों ने पहले दिन नारद मोह का सजीव मंचन किया। मंचन देख देख दर्शक भाव विभोर हो गए। कलाकारों ने दिखाया कि हिमालय की तलहटी में रमणीक स्थान को देखकर नारद ने समाधि लगा ली। इस पर इंद्र ने अप्सराओं सहित कामदेव को नारद की समाधि भंग करने के लिए भेजा। नारद की भक्ति को डिगाने में कामदेव व अप्सराएं विफल हो गई। नारद को कामदेव पर विजय पाने का अहंकार हो गया। भगवान विष्णु ने भक्त को भटकने से बचाने के लिए माया की नगरी व उसमें माया के स्वयंवर की रचना की। शादी रचाने के लिए नारद ने भगवान से हरि का स्वरूप मांगा। भगवान ने नारद को बंदर का रूप दे दिया। स्वयंवर में लोगों ने नारद का उपहास किया। इस पर उन्होंने भगवान विष्णु को श्राप द...
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