नई दिल्ली, मई 29 -- हिंदू धर्म में देवर्षि नारद को भगवान का परम भक्त और ज्ञान का संदेशवाहक माना जाता है। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब प्रजापति दक्ष उनसे इतने नाराज हो गए कि उन्होंने नारद को श्राप दे दिया। कहा जाता है कि इसी श्राप की वजह से नारद आज भी तीनों लोकों में भ्रमण करते रहते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार प्रजापति दक्ष के पांच हजार पुत्र थे, जिन्हें हर्यश्व कहा जाता था। दक्ष चाहते थे कि उनके पुत्र सृष्टि का विस्तार करें और आगे चलकर पृथ्वी का संचालन संभालें। इसी दौरान देवर्षि नारद उनके पास पहुंचे। उन्होंने हर्यश्वों से कुछ ऐसे सवाल पूछे जिनका जवाब उनके पास नहीं था। नारद ने कहा कि जब तक पृथ्वी के बारे में पूरी जानकारी न हो, तब तक उस पर शासन करने की बात कैसे की जा सकती है। उन्होंने युवाओं को पहले संसार को समझने और सत्य की खोज करने की सलाह द...