नाम बदला, उम्र छिपाई... चालाकी की तो खैर नहीं; पूजा खेडकर कांड के बाद अब UPSC का बड़ा ऐक्शन
नई दिल्ली, जून 26 -- यूपीएससी की तैयारी करने वाले हर सच्चे और ईमानदार उम्मीदवार के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 2026 की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में फर्जीवाड़े और चालाकी को जड़ से खत्म करने के लिए एक ऐसा ब्रह्मास्त्र निकाला है, जिसने धोखाधड़ी करने वालों के पसीने छुड़ा दिए हैं। देश में पहली बार, आयोग ने एप्लिकेशन के शुरुआती स्तर पर ही अयोग्य और फर्जी आवेदनों को पकड़ने और उन्हें खारिज करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक का शानदार इस्तेमाल किया है। इस कड़े कदम का ही असर है कि परीक्षा में बैठने से पहले ही करीब 600 आवेदन सीधे रद्दी की टोकरी में डाल दिए गए।कैसे काम कर रहा है ये नया सिस्टम? यूपीएससी के अध्यक्ष अजय कुमार ने इस पूरे बदलाव को लेकर स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। उनका कहना है कि ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.