बदायूं, जून 28 -- बदायूं। नाम तो अमृत दिया, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर देखरेख के अभाव में अमृत सरोवरों की स्थिति तालाब और पोखर से भी बदतर हो गयी है। अधिकांश अमृत सरोवर किनारे लगवाये गये पौधे सूख चुके हैं और बैठने के लिये लगी बैंच भी टूट गयी हैं। वर्तमान में कई अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं, जिन्हें जल का इंतजार है। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन के तहत वर्ष 2022-2023 में जिले की अलग-अलग ग्राम पंचायतों में 218 अमृत सरोवर बने थे। इन अमृत सरोवर तैयार करने पर जिले में 10 करोड़ से ज्यादा सरकार का बजट खर्च हुआ था। जब अमृत सरोवर बने थे तो इनके चारों ओर हरियाली को बढ़ावा देने के लिये पौधे लगवाये गये थे, साथ ही बैठने के लिये बैंच लगी थी और पक्की सीडिया बनवायी गयी थीं, उस दौरान ये अमृत सरोवर देखने में किसी पिकनिक स्पॉट से कम नहीं लगते थे। अमृत सरोवर...