नामवर सिंह ने आलोचना को दी नई दृष्टि और परंपरा : प्रो. कुमार वीरेंद्र
पलामू, सितम्बर 19 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। राष्ट्रीय आलोचक नामवर सिंह की जन्मशती मनाते हुए शुक्रवार की शाम में इप्टा और प्रगतिशील लेखकर संघ की पलामू यूनिट ने संयुक्त रूप से सांस्कृतिक पाठशाला की 105वीं कड़ी में व्याख्यान का आयोजन किया। आलोचक नामवर सिंह और हिंदी आलोचना विषय पर, इस व्याख्यान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं आलोचक प्रो. कुमार वीरेंद्र ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि नामवर सिंह ने आलोचना को नई दृष्टि और परंपरा दी है। मुख्य वक्ता ने कहा कि जिस प्रकार प्रेमचंद ने कहानी लेखन में एक नई परंपरा की शुरुआत कर उसे स्थापित किया, उसी प्रकार हिंदी आलोचना के क्षेत्र में नई दृष्टि और परंपरा विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य नामवर सिंह ने किया। नामवर सिंह कहा करते जो गुत्थी सुलझ गई है, उसे उलझा रहा हूं। आलोचना के संदर्भ मे...
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