गढ़वा, नवम्बर 19 -- गढ़वा। सद्गुरु जगजीत सिंह नामधारी महाविद्यालय के संस्थापक प्राचार्य डॉ भगवान तिवारी का आकस्मिक निधन मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद हो गया। उनका दाह संस्कार पैतृक गांव पोटमा में संपन्न हुआ। मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र विजेंद्र तिवारी ने दिया। दाह संस्कार में काफी संख्या में लोगों नें भाग लिया। 70 के दशक में जब गढ़वा अनुमंडल में उच्च शिक्षा के लिए एक भी महाविद्यालय नहीं था तब उन्होंने महाविद्यालय शुरू करने का प्रयास किया था। अब महाविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर तक छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उनके निधन पर महाविद्यालय के शिक्षकों तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों ने उनके निवास पर जाकर अपनी शोक संवेदना प्रकट की। वहीं बुधवार को महाविद्यालय में शोकसभा आयोजित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। शोक सभा में महाविद...
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