पटना, जनवरी 21 -- पटना हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म में सजायाफ्ता को राहत देने से इनकार करते हुए अपील को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति आलोक कुमार पांडेय की एकलपीठ ने सजायाफ्ता जितेंद्र कुमार उर्फ कुनकुन की ओर से दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई की। पटना के अपर सत्र न्यायाधीश-छह सह विशेष न्यायाधीश पॉस्को ने दीघा थाना कांड संख्या 39/2022 में गत वर्ष 20 जनवरी को दोषी करार दिया। गत वर्ष 24 जनवरी को आईपीसी की धारा 363 के तहत चार साल के कठोर कारावास और पांच हजार का जुर्माने की सजा दी। अदालत ने कहा कि जुर्माना नहीं दिये जाने पर दो माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। इस आदेश की वैधता को सजायाफ्ता ने हाई कोर्ट में आपराधिक अपील दायर कर चुनौती दी। पीड़िता की मां ने दीघा के एसएचओ को लिखित बयान दिया कि 19 जनवरी 2022 को उनकी 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची सुबह 9 बज...
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