देहरादून, मार्च 24 -- पोक्सो कोर्ट की जज अर्चना सागर की अदालत ने नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए पीड़िता को दो लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने का आदेश दिया है। विशेष लोक अभियोजक अल्पना थापा ने बताया कि न्यायालय ने पीड़िता के बयानों और उसकी मेडिकल रिपोर्ट को सजा प्रमुख आधार माना। मूल रूप से बिजनौर के विदुरकुटी क्षेत्र के गांव लखपतनगर निवासी देवेंद्र दून में सहसपुर थाना क्षेत्र में पीड़िता के घर के पास रहता था। वह अपनी 14-15 वर्षीय नाबालिग पड़ोसन को शादी का झांसा देकर पहले हरिद्वार और फिर बिजनौर ले गया था। जहां उसने कई बार दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता ने 12 फरवरी को बेटी के...
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