बरेली, मार्च 29 -- घर में घुसकर नाबालिग से छेड़छाड़ करने का दाग छह साल बाद धुल गया। ठोस सबूतों के आभाव में विशेष कोर्ट ने आरोपी गिरीश पाल को दोषमुक्त कर बरी कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शंकर सक्सेना ने बताया कि थाना मीरगंज में एक महिला ने आरोपी गिरीश पाल के खिलाफ 23 मई 2019 की दोपहर घर में घुसकर उसकी नाबालिग बेटी से छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट पॉक्सो एक्ट में दर्ज कराई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शंकर सक्सेना ने बहस के दौरान दलील दी कि पीड़िता की माँ और उसके चाचा गांव के सरकारी स्कूल में अपने जानवर बांधते हैं। गिरीश पाल ने इसकी शिकायत तहसील दिवस और सम्पूर्ण समाधान दिवस पर की थी। इसी रंजिश पर पीड़िता की माँ ने फर्जी घटना की रिपोर्ट गिरीश के खिलाफ दर्ज करा दी थी। दोनों पक्ष की दलीलों को सुनकर विशेष कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर बरी कर दिया।
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