नाबालिग बच्ची से बाल श्रम मामले में 12 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं
चक्रधरपुर, मई 4 -- आनंदपुर, संवाददाता ओड़िशा के सुंदरगढ़ जिले के बंडामुंडा रेलवे कॉलोनी से झारखंड की एक 12 वर्षीय आदिवासी बच्ची को बाल श्रमिक के रूप में बरामद किए जाने के मामले में प्रशासन की सुस्ती पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। घटना के 12 दिन बीत जाने के बावजूद मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के अनुसार 22 अप्रैल को बंडामुंडा स्थित एक रेलवे क्वार्टर से पश्चिम सिंहभूम जिले के करमपादा गांव की रहने वाली नाबालिग बच्ची का रेस्क्यू किया गया था। बच्ची आदिवासी समुदाय से है, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। पीड़ित बच्ची ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष दिए बयान में बताया कि संबंधित रेलकर्मी और उसकी पत्नी उससे दिनभर घर का काम करवाते थे और पर्याप्त भोजन भी नहीं देते थे। यह मामला बाल श्रम के साथ-साथ मानवाधिका...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.