प्रयागराज, फरवरी 24 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम की अदालत ने नाबालिग लड़की को बहलाकर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उसके अंडाणु दान कराने (एग डोनेशन) तथा धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोपों में नामजद आरोपी हिमांशु भारतीया, सीमा भारतीया तथा कल्पना भारतीया की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने केस डायरी, पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध का मामला बनता है। सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों में निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने कहा कि अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों को देखते हुए जमानत का पर्याप्त आधार नहीं है। क्या है मामला थाना फाफामऊ में दर्...