नाबालिग की सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं
औरैया, सितम्बर 30 -- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बुधवार को सुदिति ग्लोबल अकादमी में पॉक्सो अधिनियम के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को सुरक्षित-असुरक्षित व्यवहार की पहचान, अनुचित स्पर्श से बचाव और परेशानी होने पर सहायता लेने के तरीके बताए गए। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने कहा कि कानून की दृष्टि में 18 वर्ष से कम आयु का प्रत्येक व्यक्ति बच्चा है। नाबालिग से संबंधित मामलों में उसकी सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं होता। बच्चों की सुरक्षा के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से किसी भी तरह के शोषण, अनुचित स्पर्श अथवा असुरक्षित परिस्थिति को छिपाने के बजाय अभिभावक, शिक्षक, पुलिस या विधिक सेवा संस्थाओं से सहायता लेने को कहा। यह भी पढ़ें- Amroha News: पॉक्स...
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