बदायूं, दिसम्बर 24 -- बदायूं, विधि संवाददाता। अपर जिला जज व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट दिनेश तिवारी ने नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोष सिद्ध किया। न्यायाधीश ने दोषी को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति रूप में देने का हुक्म दिया। विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी के अनुसार वादिनी मुकदमा ने थाना बिल्सी में 22 जून 2022 को तहरीर दी। जिसमें बताया, उसके पति बंगलौर में मजदूरी कर रहे हैं। वह घर पर नहीं है। 13 जून 2022 की शाम बजे उसकी 12 वर्ष नाबालिक बेटी एक इंटर कॉलेज में पढ़ रही है। संदीप के मक्का के खेत में घास छिलने गई थी। तभी गांव के संदीप ने उसकी लड़की को पकड़ लिया और खेत में गिरा लिया। जिसके बाद लड़की की इच्छा के विरुद्ध बुरा क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.