नानी बाई का मायरा कथा का भावपूर्ण समापन, भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु
बोकारो, मई 21 -- अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति की ओर से आयोजित तीन दिवसीय नानी बाई का मायरा कथा प्रसंग का बुधवार को श्रद्धा, उल्लास व भावुक क्षणों के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन मुख्य व्यासपीठ पर विराजमान पूज्य मुकुंद शास्त्री ने अपनी अमृतमयी वाणी से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा के दौरान उन्होंने भक्त नरसी मेहता के जीवन प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान को पुकारता है, तब प्रभु स्वयं उसकी रक्षा के लिए दौड़े चले आते हैं। उन्होंने बताया कि संकट की घड़ी में नरसी मेहता की पुकार सुनकर भगवान श्रीकृष्ण मां राधा व रुक्मिणी के साथ प्रकट हुए व स्वयं भाई का कर्तव्य निभाते हुए नानी बाई का मायरा भरा। कथा का यह प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। पूरा वातावरण जयकारों व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.