गोरखपुर, अप्रैल 10 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। डीडीयू के अंग्रेजी विभाग और इंडियन काउंसिल फॉर सोशल साइंस रिसर्च (आईसीएसएसआर), दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को ट्रेडिशन, ट्रांसमिशन एवं ट्रांसफॉर्मेशन: ओरेलिटी एंड इंडीजिनस नॉलिज सिस्टम्स ऑफ साउथ एशिया इन अ ग्लोबल वर्ल्ड विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता पद्मश्री प्रोफेसर जी एन देवी ने बीज वक्तव्य में कहा कि नाथ संप्रदाय का व्यापक प्रसार देश के हर कोने में हुआ। मराठी में नाथ संप्रदाय के गुरु गहिनीनाथ की गोरखबानी से प्रभावित होकर एक अत्यंत साधारण बालक निरूक्तिनाथ नाथ संप्रदाय और वारकरी परम्परा के प्रतिष्ठित संस्थापक संत के रूप में स्थापित हुए। नाथ संप्रदाय की यह महिमा है जिसने भौगोलिक, सांस्कृतिक, भाषिक इत्यादि सीमाओं को पार करते हुए आम जनमानस की चेत...
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