नाटक 'मीनू' में दिखी उदंडता और प्रेम की दास्तां
पटना, मार्च 29 -- मंथन कला परिषद ने स्थापना के स्वर्ण जयंति वर्ष पर नौबतपुर के एसएफ स्टूडियो में नाटक 'मीनू' का मंचन किया। कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की कहानी 'समाप्ति' पर आधारित नाटक का निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने किया। नाटक की कहानी गांव की चंचल और भोली लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका बचपना शादी के बाद भी बरकरार रहता है। ससुराल में उदंडता और बच्चों जैसी हरकतों की वजह से उसकी सास उसे पसंद नहीं करती। इसके बाद मां और बेटे के बीच अनबन शुरू हो जाता है। पति उसे मायके छोड़ कोलकाता चला जाता है। वह पति के प्रति बहुत ही आकर्षण और प्रेम महसूस करती है। उसका बचपना अब खत्म हो चुका था। नाटक का अंत बहुत ही सुखद और रोमांचक होता है। मीनू एक दिन ससुराल पहुंच जाती है। वह सास के माफी मांगती है और पति से पुनर्मिलन हो जाता है। मंच में...
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