प्रयागराज, अप्रैल 16 -- उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में चल रहे बैशाख महोत्सव के दूसरे दिन चंडीगढ़ की संस्था थिएटर फॉर थिएटर की ओर से नाटक 'कनक दी बल्ली' का मंचन किया गया। नाटक के केंद्र में तारो नामक युवती के जीवन संघर्ष और उसकी दबी इच्छाओं का प्रभावी मंचन हुआ। कम उम्र में माता-पिता को खो चुकी तारो अपने लालची व शराबी मामा के साथ रहने को विवश है। उसका प्रेम चूड़ियां बेचने वाले युवक बचना से होता है लेकिन कहानी में तब मोड़ आता है, जब तारो की मासी स्वार्थवश उसका विवाह अधेड़ व धूर्त व्यक्ति से करा देती है। परिस्थितियों से त्रस्त होकर तारो घर से भागकर बचना के पास पहुंचती है लेकिन सामाजिक विडंबनाएं व अतीत के रहस्य उनके रिश्ते को स्वीकार नहीं करते हैं। यह भी पढ़ें- नाटक 'हिंद दी चादर' में दिखी गुरु तेग बहादुर की वीरगाथा मंच...
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