नई दिल्ली, अगस्त 17 -- नाग पंचमी का पर्व इस बार 17 अगस्त, सोमवार को मनाया जा रहा है। सावन सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन होने से भगवान शिव और नाग देवता की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। ज्योतिष में नाग पंचमी के दिन राहु-केतु से जुड़े दोषों और कालसर्प योग की शांति के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प योग बताया गया है, वे इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा कर सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की कुंडली में इसके प्रभाव अलग माने जाते हैं।कालसर्प दोष के लिए क्या करें? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी के दिन सुबह स्नान करके भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल और धतूरा अर्पित किया जा सकता है। भगवान शिव की पूजा के बाद नाग देवता का स्मरण करें। नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के...