जमुई, अप्रैल 7 -- झाझा, निज संवाददाता जमुई जिले के झाझा प्रखंड की चौहद्दी में सगी बहनों सरीखी पसरीं नागी एवं नकटी पक्षी आश्रयणियां देश के 81वें रामसर साइट्स के तमगे से नवाजी जा चूकी हैं। किंतु,उक्त वैश्विक हैसियत के गौरव से लैस होने के बावजूद पर्यटकों की सुविधा के नाम पर अभी भी ये आश्रयणियां विभागीय उपेक्षा व उदासीनता की शिकार नजर आती हैं। यह अफसोसजनक स्थिति भी तब है जब पर्यटन का क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में है। वैसे,जिम्मेदारों को छोरों से दावे-वादे तो खूब हुए,पर इसके उलट नागी,नकटी व यक्षराज को पर्यटन वाला मिजाज नसीब होने का आज भी इंतजार ही बना है। यही हाल झाझा नप क्षेत्र में स्थित और अपने आंचल में पर्यटन की अपार संभावनाएं समेटे होने वाले यक्षराज स्थान का है। विश्व के महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (आईबीए) में शुमार नागी,नकटी की बावत यह ब...
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