नई दिल्ली, मार्च 24 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 के तहत भारतीय नागरिकता की मांग वाली अर्जियों पर केंद्र सरकार को फैसला लेने के लिए कोई समय-सीमा तय करने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिस पर फैसला कार्यपालिका को लेना है और इसमें न्यायिक दखल कम से कम होना ही उचित है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के लिए नागरिकता की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं ने यह आशंका जताई कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उन्हें उनके मताधिकार से वंचित किया जा सकता है क्योंकि उनके सीएए आवेदनों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीठ ने मौखिक तौर पर कहा कि एक कानूनी व्यवस्था (नागरिकत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.