गोरखपुर, मई 22 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। एम्स के के चर्म रोग विभाग की ओर से विकसित एक नई सर्जरी तकनीक को प्रसिद्ध जर्नल ऑफ द अमेरिकन एकेडिमक ऑफ डर्मेटेलॉजी (जेएएडी) में प्रकाशन के लिए स्वीकृति मिली है। यह उपलब्धि चर्म रोग की सर्जरी में अहम मानी जा रही है। यह शोध विभागाध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार गुप्ता और उनकी टीम ने किया है।

शोध की तकनीक डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि शोध के दौरान इलेक्ट्रोकॉटरी-गाइडेड नेल प्लेट डिवीजन टू एनहांस प्रिसिशन इन पार्शियल नेल अवल्शन नामक तकनीक विकसित की गई है। यह विशेष रूप से इनग्रोन टोनेल एवं अन्य नाखून संबंधी सर्जरी में किया जाएगा। बताया कि परपंरागत आंशिक नेल अवल्शन में नाखून को काटने केदौरान अधिक यांत्रिक बल लगाना पड़ता है, जिससे सामान्य तोर पर नेल प्लेट, नेल बेड या नेल मैट्रिक्स को क्षति पहुंचती है।...