नई दिल्ली, मई 14 -- LPG Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में आए व्यवधानों के बीच भारत सरकार ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम तेज कर दिया है। भारत अब खाड़ी देशों से गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए समुद्र के नीचे से एक सीधी पाइपलाइन बिछाने की तैयारी में है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, ओमान से भारत तक प्रस्तावित इस मिडल ईस्ट-इंडिया डीप-वाटर पाइपलाइन (MEIDP) की अनुमानित लागत लगभग 40,000 करोड़ रुपये है। यदि इसे हरी झंडी मिल जाती है, तो इसके निर्माण में पांच से सात साल का समय लग सकता है। यह पाइपलाइन अरब सागर के नीचे 2,000 किलोमीटर लंबी होगी, जो ओमान को सीधे गुजरात तट से जोड़ेगी। यह पाइपलाइन समुद्र में 3,450 मीटर की गहराई तक जा सकती है, जो इसे वैश्विक स्तर पर...