संतकबीरनगर, मार्च 17 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। सदगुरू कबीर की ऐतिहासिक आमी नदी अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। जो कभी लोगों के लिए जीवनदायिनी थी आज वह लोगों के लिए काल बन गई है। यह नदी गंदगी से पट कर नाले के रूप में परिवर्तित हो गई है। जिसका पानी कभी लोगों के लिए लाइफ लाइन था आज वही पानी लोगों के लिए समस्या बन गया है। जिसके पानी का कभी लोग सेवन करते थे। आज हालात यह है कि इसके पास जाने से लोग कतराते हैं। नदी में व्याप्त गंदगी व इससे निकलने वाली बदबू से लोग करीब नहीं जाते हैं। जो अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है।आमी नदी का है ऐतिहासिक महत्वमगहर सूफी संत कबीर की निर्वाण स्थली का अपना ऐतिहासिक महत्व है। नदी के बारे में किदवन्ती है कि सदगुरु कबीर के शरीर त्यागने से पूर्व मगहर में अकाल पड़ा था। पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची थी। मगह...
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