फतेहपुर, अप्रैल 3 -- फतेहपुर। कामर्शियल सिलेंडर की आमद प्रभावित होने के साथ ही घरेलू सिलेंडरों के कामर्शियल प्रयोग पर कार्यवाही के चलते कुछ दुकानदारों ने कोयला व लकड़ियों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। वहीं बड़े दुकानदारों ने डीजल भट्ठी आदि की ओर रुख कर लिया है। लेकिन छोटे दुकानदार अपनी दुकाने बंद करने के लिए मजबूर हो रहे है। जिससे अब वह या तो दूसरे काम की तलाश कर रहे हैं या फिर खेतीबाड़ी करने को मजबूर हैं। ऐसे ही कुछ लोगो से आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने बात की। पेश हैं बातचीत के कुछ अंश... अतुल बाजपेयी ने बताया कि किशनपुर कस्बे में कैफे का संचालन कर रहे थे लेकिन कामर्शियल सिलेंडर की आमद प्रभावित होने के साथ ही घरेलू सिलेंडर के प्रयोग पर कार्यवाही के भय से कैफे को बंद कर दिया गया। महंगा सिलेंडर मिलने के चलते अब कैफे बंद कर खेती करवाकर हा...
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