नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- कहते हैं कि अगर किसी इंसान के मन में कुछ करने का जुनून हो, तो वह कठिन से कठिन हालातों में भी रास्ता निकाल लेता है। मध्य प्रदेश के रहने वाले आनंद प्रकाश चौकसे की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वह खुद एक इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इसलिए वो अपना सपना पूरा नहीं पाएं। कभी परिवार का गुजारा दूध बेचकर होता था। यही वजह है कि 15 साल की उम्र में ही वो बच्चों को पढ़ाने लगे। इसके बाद उन्होंने इसी काम को अपना लक्ष्य बनया। आज स्थिति ऐसी है कि उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर एक ऐसा इंस्टिट्यूट खड़ा कर लिया है, जहां से 550 से अधिक छात्रों का चयन आईआईटी-जेईई में हुआ है। आनंद प्रकाश चौकसे मैक्रो विजन एकेडमी के संस्थापक है। इतना ही नहीं एक बार वो अपनी पत्नी के लिए ताजमहल जैसा घर बनवाकर सुर्खियों में आए...