गंगापार, फरवरी 1 -- तहसील व विकासखंड मेजा के खीरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कचरा चौकी के पिपरांव, धधुआ, खरका खास, पिपरहटा, रेगा, कोटर सहित आसपास के कई घाटों पर टोंस नदी से बालू का अवैध खनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। घाटों पर कार्य कर रहे मजदूरों ने बताया कि खीरी पुलिस को प्रतिमाह मोटी रकम दी जाती है, तभी नदी से बालू निकालने का परमिट मिलता है। मजदूरों के इस खुलासे ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि, दिन रात दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बालू की ढुलाई होती है, जिससे न सिर्फ सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि टोंस नदी का प्राकृतिक स्वरूप भी तेजी से नष्ट हो रहा है।
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