रांची, जुलाई 9 -- रांची, संवाददाता। अपर न्यायायुक्त सह एफटीसी (सीएडब्ल्यू) अमित शेखर की अदालत ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी राहत परवीन और लैला खातून को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान न सूचक, न ही आईओ और न ही चिकित्सक गवाही देने पहुंचा। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। मामला नगड़ी थाना कांड संख्या 141/2022 से जुड़ा है। आरोप था कि मार्च 2022 में साहिल मिर्धा की शादी राहत परवीन से हुई थी। दोनों आरोपियों द्वारा मानसिक प्रताड़ना और उकसावे के कारण 27 अगस्त 2022 को साहिल ने कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। यह भी पढ़ें- आत्महत्या के लिए उकसाने के केस में मंगेतर के माता-पिता को अग्रिम राहत नहीं पुलिस ने 27 अक्तूबर 2022 को चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई ...