आगरा, सितम्बर 11 -- अंतरजातीय विवाह ज्यादा दिन नहीं चला तो उसका परिणाम भी दोनों के लिए सुखद नहीं रहा। दोनों के मध्य विवाद बढ़ा तो मामला अदालत तक पहुंचा। परिवार न्यायालय ने वादी द्वारा प्रस्तुत याचिका स्वीकार कर विवाह विच्छेदित (तलाक) के आदेश दिए। नागपुर निवासी युवक/वादी ने अधिवक्ता शैलेंद्र पाल सिंह, सत्यप्रकाश बघेल के माध्यम से विवाह विच्छेद का वाद न्यायालय में दायर कर कथन किया कि आगरा निवासी युवती/प्रतिवादिया की रिफाइनरी में ट्रेनिंग करने के दौरान दोनों के मध्य जान पहचान हुई थी। वादी मथुरा रिफाइनरी में अधिकारी के पद पर कार्यरत के दौरान उनकी मुलाकात प्यार में बदल गई। दोनों की अलग-अलग जाति होने के कारण उसके परिजनों के विरोध पर उन्हें नोएडा के आर्य समाज मंदिर में 20 अप्रैल 2007 को शादी करनी पड़ी। उनके वर्ष 2010 में एक पुत्र हुआ। प्रतिवादिय...