धनबाद, मार्च 22 -- नेम निष्ठा का महापर्व चैती छठ रविवार को नहाय-खाय के साथ प्रारंभ हो रहा है। चैत्र माह में मनाए जाने वाले छठ की महत्ता कहीं अधिक है। यह सबसे कठिन व्रतों में एक है। चैत्र नवरात्र के मध्य में यह छठ पूजा मनायी जाती है। रविवार को नहाय-खाय के साथ कद्दू-भात की परंपरा है। छठ व्रती इस दिन कद्दू-भात को प्रसाद के रूप में ग्रहण कर व्रत का संकल्प लेंगी। यही प्रसाद बाकी लोग भी ग्रहण करेंगे। कद्दू-भात पवित्रता का प्रतीक है। 23 मार्च को खरना, 24 को संध्या अर्घ्य23 मार्च सेामवार को खरना होगा। इस दिन व्रतियां अपने-अपने क्षेत्र और अपनी परंपरा के अनुसार कहीं चावल तो कहीं चावल और दूध से बने खीर का प्रसाद आम की लकड़ी से प्रज्वलित अग्नि पर बनाएंगी। इससे पूर्व अग्निदेव की पूजा जाती है। और छठी मइया का आह्वान होता है। इसी प्रसाद को ग्रहण करने के ...
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