सीतामढ़ी, मार्च 22 -- सीतामढ़ी। चार दिनों तक चलने वाला लोक आस्था का महापर्व चैती छठ पूजा की शुरुआत रविवार से नहाय खाय से हुई। छठ पूजा में नहाय खाय का विशेष महत्व है। व्रत करने वाले महिला व पुरुष सुबह स्नान आदि कर नए व साफ कपड़े पहन कर भगवान सूर्य देव के साथ अपने कुल देवता की पूजा करने के बाद सात्विक आहार ग्रहण किया।नहाय खाय के दिन बनने वाले भोजन में प्याज लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया।साथ ही भोजन में कद्दू व चने की दाल को शामिल किया। स्वच्छता का ध्यान रखते हुए छठ पूजा के गेहूं व चावल को धो कर सुखाया गया। ज्योतिषाचार्य अरुण कुमार झा बताते हैं कि छठ पर्व संतान की कामना व घर परिवार के सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य, सुख, खुशहाली की कामना के लिए यह व्रत उत्तम माना गया है।इस दिन भगवान सूर्य के साथ उनकी बहन छठी मैया की पूजा करने से देवी अत्यंत प्रसन्न ...
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