बोकारो, मार्च 21 -- चैती छठ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान 22 मार्च रविवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो जाएगा। पहले दिन छठव्रती ब्रह्म मुहुर्त में उठकर इंट के चुल्हे पर आम की लकड़ी से बने कद्दु भात के साथ सब्जी व चना दाल पकाएंगे। फिर भगवान सूर्य को भेाग लगाकर परिवार समेत इस्ट मित्र लोग भी इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करेंगे। दूसरे दिन 23 मार्च सोमवार को संध्या समय खरना होगा। जिसमें छठव्रती दिन भर निर्जला उपवास रहकर सूर्यास्त के बाद दुध से खीर बनाकर व पूजन कर भगवान सूर्य को भोग लगाएंगे। इसके बाद प्रसाद के रूप में स्वयं ग्रहण कर अन्य भक्त श्रद्धालुओं के बीच इसे महाप्रसाद के रूप में वितरीत किया जाएगा। छठव्रत अनुष्ठान के तीसरे दिन 24 मार्च मंगलवार को छठव्रती निर्जला व्रत रखकर संध्या काल में अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य प्रदान किया जाएगा...
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