फतेहपुर, जून 27 -- फतेहपुर। मानसून की दस्तक में देरी और धान की नर्सरी तैयार होने के बाद किसान अब रोपाई के लिए नहरों में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन नहरों में पर्याप्त पानी न मिलने से जिले में धान की खेती पर संकट गहराने लगा है। करीब 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई प्रभावित होने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, यमुना का जलस्तर कम होने के कारण जरौली पंप कैनाल का संचालन भी पूरी क्षमता से नहीं हो पा रहा है। जिले में इस बार धान की खेती सिंचाई संकट से जूझ रही है। निचली गंगा नहर, रामगंगा नहर तथा उनसे जुड़े माइनरों और रजबहों से सिंचित होने वाला करीब 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर्याप्त पानी के अभाव में प्रभावित हो रहा है। खेतों तक पानी नहीं पहुंचने से नहरों पर निर्भर किसानों की धान की रोपाई शुरू नही...