जौनपुर, जून 26 -- सुइथाकला, हिन्दुस्तान संवाद। धान की नर्सरी डालने का समय आ गया है, लेकिन क्षेत्र की नहरों और माइनरों में पानी न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बिजली की अघोषित कटौती और पंपिंग सेट चलाने के लिए डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कई नहरों और माइनरों में इस समय पानी नहीं है। इसके चलते किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं। एक तरफ बिजली की अघोषित कटौती हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पंपिंग सेट के लिए डीजल के लगातार बढ़ते दाम मध्यम वर्ग के किसानों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। यह भी पढ़ें- 'बिजली कटौती से रोपाई नहीं कर पा रहे किसान' कम्मरपुर के किसान सतीश सिंह, बसिरहां गांव के रामचेत बिंद, लालापुर के सुरेश पांडेय, सवायन के सुशील दीक्षित और कोटिया के बब्लू उपाध्याय सम...