फतेहपुर, जून 25 -- फतेहपुर। खरीफ की तैयारी को लेकर किसानों की निगाहें नहरों, राजकीय नलकूपों और बिजली आपूर्ति में टिकी हुई है। सूखी नहरें, बंद नलकूप और बिजली की आवाजाही के कारण धान की पौध डालने में हो रही देरी से किसान चिंतित है। मानसून और सरकारी संसाधनों के दगा देने से किसानों की रोपाई प्रभावित होने की आशंका है। किसान संगठनों के मंच में लगातार उठ रही पानी के लिए आवाज भी कारगर साबित नहीं हो रही है। 18 सौ क्यूसेक की मांग,पानी शून्य

पानी की आपूर्ति की स्थिति निचली गंगा व रामगंगा नहर के लिए लगातार 18 सौ क्यूसेक पानी की डिमांड किए जाने के बावजूद जिले की नहरों को करीब 20 दिनों से एक बूंद पानी नहीं मिल पाया। जिससे उक्त नहरों से पोषित होने वाली माइनरों व रजबहों में धूल उड़ती देख किसान आसमान की ओर निहार रहे हैं। लेकिन बारिश न होने के साथ ही नहरों ...