नसबंदी होने के बाद भी लावारिस कुत्तों से राहत नहीं
गाज़ियाबाद, मई 17 -- गाजियाबाद, दीपक सिरोही। नसबंदी होने के बाद भी लावारिस कुत्तों से राहत नहीं मिल रही है। लोगों का आरोप है गली मोहल्ले में कुत्तों की संख्या बढ़ रही है। कुत्ते काटने के मामले बढ़ रहे है। ऐसे में लोग नसबंदी होने पर सवाल उठा रहे हैं। शहर में लावारिस कुत्तों के हमलों से दहशत है। पार्कों से लेकर सड़कों तक कुत्ते झुंड बनाकर घूमते हैं। कॉलोनी और सोसाइटी में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ी हैं। लोग कुत्तों से निजात दिलाने की निगम अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं। साथ ही कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण करने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल निगम के दो एनीमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर है। इनमें एक दिन में 30 से 40 कुत्तों की नसबंदी होने का दावा है। नसबंदी के बाद कुत्तों को तीन दिन तक सेंटर में रखना होता है। इसके बाद कुत्तों को उसी स्थान पर...
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