प्रमुख संवाददाता, अक्टूबर 29 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। मैं अपने होशोहवास में न रहूं और वे लोग अपनी मर्जी करते रहें इसलिए दिन में दो बार मुझे केटामीन और ओपियम के इंजेक्शन दिए जाते थे। अभी मैं बात करने की भी स्थिति में हूं लेकिन जब होटल में रहता था तो कुछ भी सूझता नहीं था। पहली बार मीडिया के सामने आए प्रणवपत सिंहानिया ने ऑन कैमरा यह बात कही। उसने आरोप लगाया कि वह परिवार से न मिल सके इसलिए उसे होटल के अलग-अलग फ्लोर और रूम में दो से तीन माह में ट्रांसफर कर दिया जाता था। बता दें कि शहर के प्रतिष्ठित सिंघानिया घराने की एक शाखा के सदस्य प्रणवपत सिंहानिया की तहरीर पर दो साल तक बंधक बना कर ड्रग्स देने, करोड़ों की संपत्ति जबरन लिखवाने का मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस बिल्डर सुयश अस्थाना, बृजेन्द्र नाथ मिश्रा उर्फ बेबी बिल्डर, मां केमिस्ट के संचालक श...