ललितपुर, अक्टूबर 29 -- शराब व्यक्ति के स्वास्थ्य और समााज के लिए खराब है। इसकी लत ने मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है। हर रोज शराब की लत पूरी करने के लिए इन परिवारों के व्यक्ति अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा इस पर खर्च करते हैं। जिसकी वजह से परिवार के अन्य खर्चों के लिए पर्याप्त पैसे नहीं बचते और फिर परिवार में कलह और विवाद की स्थितियां उत्पन्न होती हैं। इस कारण परिवार में मारपीट, झगड़े बड़ी वारदातों का रूप भी ले लेते हैं। नशामुक्ति अभियान भी प्रभावी रूप से संचालित नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीण महिलाओं ने आप के अपने हिन्दुस्तान से अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि सरकारी शराब बनाकर बेचने का मुख्य उद्देश्य जहरीली शराब के सेवन से मौतों को रोकना था लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। सरकार इसको रोकथाम के लिए नहीं बल्कि राजस्व के...
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