जमुई, नवम्बर 19 -- जमुई। कार्यालय संवाददाता नशीले पदार्थों के सेवन का विकार एक ऐसा मुद्दा है जो देश के सामाजिक ताने-बाने पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। किसी भी नशीले पदार्थ पर निर्भरता न केवल इंसान के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी अस्त-व्यस्त कर देता है। कई मनो-सक्रिय पदार्थों के नियमित सेवन से व्यक्ति दूसरे पर निर्भर होने लगता है। कुछ मादक पदार्थ तंत्रिका-मनोरोग संबंधी बीमारियों , हृदय रोगों , आत्महत्याओं और हिंसा का कारण बन जाता है। इसलिए मादक पदार्थों के सेवन और निर्भरता को एक मनो-सामाजिक-चिकित्सीय समस्या के तौर पर देखा जाना चाहिए। उक्त बातें डीएम श्री नवीन ने नशा मुक्त भारत अभियान की 05 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध जन जागरूकता पैदा करने...
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