नवोन्मेषी शोध से बनाएं अपनी पहचान: डॉ. दुबे
रांची, जुलाई 10 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) में आयोजित दो दिवसीय खरीफ अनुसंधान परिषद की बैठक का शुक्रवार को समापन हो गया। इसमें कृषि और पशुपालन क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों को देखते हुए आवश्यकता आधारित, नवोन्मेषी और सहयोगात्मक शोध को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि अनुसंधान का उद्देश्य महज अकादमिक उपलब्धि न होकर किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें व्यावहारिक समाधान देना होना चाहिए। कुलपति डॉ. एससी दुबे ने युवा वैज्ञानिकों से नियमित कार्यों के अलावा नवोन्मेषी अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया, ताकि वे वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकें। उन्होंने हर वैज्ञानिक को कम से कम एक-दो बाह्य पोषित शोध परियोजनाएं लाने तथा विश्वविद्यालय के पशु-पक्षी प्रक्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन का निर्देश दिय...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.