नवादा, मई 4 -- नवादा जिले की खेती-किसानी पर बढ़ती लागत की मार ने मुनाफे का गणित बुरी तरह से गड़बड़ कर दिया है। नवादा जिले की मिट्टी उपजाऊ है। किसान मेहनतकश हैं। फिर भी वर्तमान परिस्थितियों में जिला एक गंभीर आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा है। इन दिनों हालात ऐसे बन चुके हैं कि जिले के ग्रामीण अंचलों में खेती अब केवल जीवन निर्वाह का साधन रह गई है। आर्थिक दृष्टि से खेती-बाड़ी घाटे का सौदा साबित हो रही है। इस सीजन में धान, गेहूं और मक्का की खेती में बीज, खाद और विशेषकर डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। तुलनात्मक रूप से मुनाफे का औसत घटते जाने से किसानों का मन उचाट होता जा रहा है। पुरानी पीढ़ी के किसानों ने तो फिर भी पुश्तैनी पेशे को ढो लिया, लेकिन नई पीढ़ी के कुछ प्रगतिशीली व प्रयोगवादी किसानों को छोड़कर ज्यादातर अन्य विक...
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