कानपुर, जून 5 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए आईआईटी कानपुर ने जीरो वेस्ट लैब मॉडल और व्यापक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली लागू की है। जिसके तहत संस्थान में हो रहे अनुसंधान व नवाचार के दौरान ही निकलने वाले अपशिष्ट (कचरे) का समाधान किया जाएगा। जिससे अनुसंधान के दौरान भी किसी तरह का प्रदूषण न फैले। साथ ही, आईआईटी को सबसे पहले कार्बन मुक्त कैम्पस बनाने पर भी काम किया जा रहा है।पर्यावरण संरक्षण को लेकर अब आईआईटी कानपुर ने अनुसंधान व नवाचार प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। इसके तहत कचरे का विकेंद्रीकृत उपचार किया जा रहा है। यह भी पढ़ें- BTech : एक और IIT की घोषणा, JEE एडवांस्ड में टॉप 1000 रैंक पाने वाले 10 छात्रों की फीस होगी माफ इसके लिए कई विकेंद्रीकृत इकाईयां भी स्थापित की गई है। आवास, हॉस्टल, ...