जौनपुर, फरवरी 27 -- जौनपुर, संवाददाता। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में गुरुवार को बौद्धिक संपदा अधिकार विषयक एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यक्रम का विषय बौद्धिक संपदा अधिकार तथा उभरती प्रवृत्तियां और चुनौतियां रहा। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि इन्वेंशन ही वास्तविक एसेट है और किसी शोधकर्ता या संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी नवाचार होती है। नए विचार, शोध और आविष्कार सही ढंग से संरक्षित हों तो वही आर्थिक उन्नति तथा सामाजिक विकास का आधार बनते हैं। कॉपीराइट उल्लंघन, डेटा सुरक्षा तथा ऑनलाइन सामग्री सुरक्षा जैसे डिजिटल चुनौतियों जोर दिया। विशिष्ट अतिथि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक सहगल ने कहा कि डिजिटल युग में आईपीआर का महत्व तेजी से बढ़ा है। सृजनकर्ता जागरूक न रहे तो उसके शोध और रचनात्मक कार्य के दुरुपयोग ...